माँ महामाया शक्कर कारखाना केरता में गन्ना खरीदी मूल्य वृद्धि पर आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम आयोजित….
रायपुर: माँ महामाया शक्कर कारखाना केरता में गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के उपलक्ष्य में आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम का आयोजन कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में गन्ना उत्पादक किसानों ने खरीदी मूल्य में वृद्धि के निर्णय पर राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसानों को संबोधित करते हुए शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी तथा गन्ना उत्पादक किसानों को बोनस राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसान धरतीपुत्र हैं, जिनके अथक परिश्रम और मेहनत से देश की खाद्यान्न संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। किसानों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने किसानों की प्रसन्नता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है।
मंत्री श्री नेताम ने माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरगुजा अंचल के गन्ना उत्पादक किसानों की मांग और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शक्कर कारखाने की स्थापना की दिशा में पहल की गई थी। जिसका उद्देश्य स्थानीय किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना तथा क्षेत्र में कृषि आधारित औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना था। उन्होंने कहा कि अब शक्कर कारखाने को और अधिक विकसित करने तथा वैल्यू एडिशन के माध्यम से इसकी उपयोगिता एवं आर्थिक संभावनाओं को बढ़ाने की आवश्यकता है।
कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गन्ना खरीदी मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। साथ ही किसानों को बोनस का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धान के स्थान पर दलहन, तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप किसानों को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने किसानों को फसल विविधीकरण की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से कम पानी एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के माध्यम से भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते ने गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना से लेकर इसके विकास तक किसानों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री के प्रयासों से गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ गन्ना उत्पादक किसानों के हितों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि रिवॉल्विंग फंड की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों में नया उत्साह है। उन्होंने कहा कि आगामी कार्ययोजना के अनुरूप शक्कर कारखाने की रिकवरी दर में वृद्धि तथा गन्ने के खेती रकबे के विस्तार के लिए विशेष प्रयास किया जायेगा। इससे शक्कर कारखाने की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ किसानों को भी अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों की आय में वृद्धि एवं गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
कृषक चौपाल के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों ने अपने अनुभव, सुझाव एवं आवश्यकताओं को साझा किया। कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसानों की बातों को सुना तथा कृषि क्षेत्र के विकास एवं किसानों की सुविधाओं के विस्तार के प्रति शासन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, अपर कलेक्टर श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, अनुविभागीय अधिकारी श्री रमेश मोर, कृषि अधिकारी सुश्री सम्पदा पैकरा, सहित, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान उपस्थित रहे।




